Business Idea: फलों और सब्जियों के चिप्स से प्रतिदिन ढ़ेर सारी कमाई।

आप फलों और सब्जियों के वेफर्स निर्माण का व्यवसाय आरंभ कर सकते हैं। बाजार में इनकी हमेशा अच्छी मांग रहती है। इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कम होने से इसमें कामयाब होने के अवसर अधिक हैं। आप केले, आम, गाजर, पपीता, शकरकंद आदि के चिप्स बना सकते हैं। लगभग 5000-6000 रुपये खर्च करके 100 किलोग्राम उत्पादन किया जा सकता है। इसे 150 रुपये प्रति किलो की दर से बेचकर आप विशाल लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आपने नए व्यापार की स्थापना करने का मन बना लिया है, तो हम आपको एक विशेष व्यापारिक योजना का सुझाव देने जा रहे हैं। इस योजना की शुरुआत करके आप बहुत अच्छी आय कर सकते हैं। यह वह व्यापार है जिसमें बाजार की उतार-चढ़ाव की संभावना न्यूनतम होती है। इसकी सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि इसके उपयोग का समय कभी समाप्त नहीं होता है। हम फलों और सब्जियों के चिप्स की चर्चा कर रहे हैं। अर्थात्, आप आलू, केला, चुकंदर, शकरकंद, गाजर, पपीता के वेफर्स तैयार कर सकते हैं। यह ऐसा व्यापार है जिसमें आप शीघ्र ही अन्य लोगों को रोजगार प्रदान करना आरंभ कर देंगे।

वैसे तो सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के साथ लोगों को स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए प्रेरित किया है। इस संदर्भ में, आप अपनी नौकरी त्यागकर इस व्यवसाय को आरंभ कर सकते हैं। वेफर्स की बाजार में अत्यधिक मांग है। और सबसे बड़ी खासियत यह है कि अभी तक इस क्षेत्र में कोई भी बड़ी संस्थाएं प्रवेश नहीं की हैं। अत: आपको किसी भी प्रकार की प्रतिस्पर्धा से निपटने की चिंता नहीं होगी।

फलों और सब्जियों के वेफर्स का बिजनेस कैसे करें शुरू ?

सबसे अग्रिम चरण में आपको कच्चे माल की आवश्यकता होगी। आप जिस फल या सब्जी के वेफर्स तैयार करने जा रहें हैं, उसकी आवश्यकता होगी। साथ ही, मसालों, नमक, और खाद्य तेल की भी जरूरत पड़ेगी। वेफर्स निर्माण के लिए, आपको विशेष मशीनों की आवश्यकता होगी। आपको फलों या सब्जियों को छीलने, उबलने और उन्हें पतले टुकड़ों में काटने की मशीन चाहिए होगी। उसी प्रकार, तलने और मसाले मिलाने के लिए भी मशीन की आवश्यकता होगी। पैकेजिंग के लिए, आपको प्रिंट करने वाली पाउच की मशीन भी चाहिए होगी। आप चाहें तो इसे खरीद सकते हैं, किराए पर ले सकते हैं या बाहर से प्रिंट करवा सकते हैं। यदि आप इसमें पूर्ण समर्पण से मेहनत करते हैं, तो आपका व्यापार धीमी गति से वृद्धि प्राप्त कर सकता है।

फलों और सब्जियों के वेफर्स से ऐसे करें मोटी कमाई

अगर आपने 100 किलो उत्पादन के लिए, जिसमें कच्चा माल, मसाले और खाद्य तेल आदि सब कुछ शामिल हो, लगभग 5000 रुपये से 7000 रुपये तक खर्च किया होता है। कभी-कभी सब्जियों या अन्य फलों की कीमत में वृद्धि हो सकती है, इसलिए यह बजट बढ़ सकता है। बाजार में वेफर्स की कीमत करीब 150 रुपये प्रति किलो होती है। 100 किलो की वेफर्स की कीमत लगभग 15,000 रुपये होती है। 7000 रुपये के खर्च को घटाकर, आपके पास 8000 रुपये शेष रह जाएंगे।

अनुमानित रूप से, यदि आप प्रतिदिन 40 से 60 किलो वेफर्स बनाते हैं, तो सभी खर्चों को निकालने के बाद आपको करीब 70-100 रुपये का लाभ होगा। इस प्रकार, एक दिन में आप 2800 रुपये से 6000 रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। इस तरह, प्रति मास आपकी आमदनी लाखों रुपये हो सकती है। ध्यान दें कि इन दिनों मुंबई में बहुत सारे लोग सब्जियां और वेफर्स का व्यापार कर रहे हैं। वे अपने उत्पादों की देश और विदेश में सप्लाई कर रहे हैं, और उनकी आमदनी काफी अच्छी हो रही है।

निष्कर्ष

सरकार के स्वयं-निर्भर भारत अभियान के अनुरूप, आप अपनी नौकरी को समाप्त करके वेफर्स उत्पादन के व्यवसाय को आरम्भ कर सकते हैं। इसकी बाजार में विस्तृत मांग है और फिलहाल इस क्षेत्र में बड़ी कंपनियों का प्रवेश नहीं हुआ है, जिसका अर्थ है कि आपको किसी भी प्रकार के प्रतिस्पर्धा से मुक्ति मिलेगी।

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